उपभोक्ताओं को लूट रहे रानीतारा पावर हाउस के लाइनमैन, बिना पैसे के नहीं करते काम

रिपोर्ट-अरविंद सिंह मौर्य की रिपोर्ट
सोनभद्र जिले के रानीतारा उपकेंद्र से जुड़े कई गांव के लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि पावर हाउस के कर्मचारी बिजली को ठीक करने के लिए तत्काल पैसे की मांग करते हैं और मनमाफिक पैसा नहीं दिए जाने पर बिजली बनाने से इंकार कर देते हैं।
फाल्ट बनाने के लिए मनमाने तरीके से वसूली
फोन नहीं उठाते हैं जेई व एसडीओ
उपकेंद्र से जुड़े पगिया, सिरहुट, तियरा के लोगों ने की शिकायत
जिले में बिजली विभाग के कर्मचारियों की मनमानी और अफसरों की लापरवाही के चलते लगातार ग्रामीण इलाकों में बिजली की किल्लत जारी है और इसी का लाभ उठाकर बिजली विभाग के कर्मचारी मनमाने अंदाज में उपभोक्ताओं से वसूली कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि सरकार के द्वारा दिए गए निर्देश और बिजली विभाग के नियमों की लाइनमैन जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। अगर किसी भी इलाके की लाइन खराब हो जाए या कोई दिक्कत आ जाए तो वहां के लाइनमैन उसे ठीक करने के लिए पैसे की खुलेआम मांग कर रहे हैं और पैसा नहीं मिलने पर तत्काल लाइन बनाने से इंकार कर दिया करते हैं।
रानीतारा उपकेंद्र से जुड़े कई गांव के लोगों ने इस बात की शिकायत की है कि पावर हाउस के कर्मचारी बिजली को ठीक करने के लिए तत्काल पैसे की मांग करते हैं और मनमाफिक पैसा नहीं दिए जाने पर बिजली बनाने से इंकार कर देते हैं।
रानीतारा उपकेंद्र पर कार्यरत शंकर नामक जेई ने पगिया के 1 उपभोक्ता से मीटर का तार पोल से जोड़ने के लिए 200 रु0 की डिमांड किया और उपभोक्ता द्वारा मना करने पर लाईनमैन ने तार नहीं जोड़ा, मजबूरन उपभोक्ता ने 200 रू0 लाईनमैन को दिया तब जाकर तार जोड़ा गया जिसकी पुष्टि लाइनमैन ने खुद फोन पर की कि हाँ मैंने 200 रु0 लिए,जिसकी शिकायत साक्ष्य सहित रानीतारा जेई अनिल कुमार जी से की गई है अब देखना दिलचस्प होगा कि जेई लाइनमैन के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही कब करते हैं।
रानीतारा उपकेंद्र से जुड़े पगिया,सिरहूट, तियरा जैसे कई गांवों के उपभोक्ताओं ने शिकायत करते हुए कहा कि उनके इलाके का लाइनमैन लोगों को बहुत पहले से परेशान कर रहा है और छोटी सी भी मरम्मत के लिए वह तत्काल पैसे की डिमांड कर रहा है। हालांकि इस समस्या की शिकायत के लिए शाम को 5:00 बजे के बाद अगर इलाके के विद्युत विभाग के जेई, एसडीओ या अधिशासी अभियंता का सरकारी नंबर मिलाया जाए तो वह फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझते हैं।
ऐसी स्थिति में लोगों ने जिलाधिकारी से ऐसे मनमाने अफसरों पर नकेल कसने की अपील की है, ताकि मीटिंग में दिए गए जिलाधिकारी के निर्देशों का पालन हो सके।














