
तीन पीढ़ियों के बीच बंटवारा विलेख को मंजूरी
अब 10 हजार रुपये खर्च करने होंगे इसके लिए
पहले सर्किल रेट के आधार पर देना होता था स्टांप व पंजीकरण शुल्क
रिपोर्ट अरविंद सिंह मौर्य शिकारगंज चकिया 8850543166
लखनऊ : प्रदेश सरकार ने तीन पीढ़ियों के बीच बटवारा अभिलेख को मंजूरी दे दी है।ऐसी पैतृक संपत्ति जिनमें सहखातेदार होते हैं, उनको लेकर उठने वाले विवादों पर इससे विराम लग सकेगा। परिवार के लोग थाना कचहरी के विवाद से बच सकेंगे। बंटवारा विलेख का शासनादेश जारी हो गया है।
सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) वाईपी सिंह के अनुसार जारी शासनादेश के अनुसार पांच हजार का स्टांप व पांच हजार रुपये का पंजीकरण शुल्क देना होगा। संबंधित उप निबंधक कार्यालय में बंटवारा विलेख कराया जा सकेगा। दो वर्ष पहले शासन से दानपत्र विलेख को भी मंजूरी मिली थी जिसमें परिवार के सदस्य ब्लड रिलेशन में दान दे सकते हैं। इसका पंजीकरण शुल्क एक प्रतिशत व पांच हजार रुपये की स्टांप ड्यूटी की अदायगी रजिस्ट्री के लिए करानी होती है। सहायक महानिरीक्षक (एआइजी) के अनुसार बड़ी संख्या में दान विलेख के बाद बंटवारा विलेख का निर्णय शासन से हुआ है। बंटवारा विलेख में पहले अचल संपत्ति के सर्किल रेट के अनुसार स्टांप व पंजीकरण शुल्क की अदायगी करनी होती थी। अब मात्र 10 हजार रुपये में बंटवारा विलेख कराया जा सकेगा। एआइजी के अनुसार इसके लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र,खतौनी,पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र,नामांतरण संबंधी अभिलेख,फैमिली आइडी परिवार रजिस्टर,सर्विस बुक (सरकारी सेवकों के लिए),शैक्षणिक अभिलेख, पहचानपत्र (आधाकार्ड, पैनकार्ड, पासपोर्ट, वोटरआइडी, ड्राइविंग लाइसेंस), राशन कार्ड,जन्म प्रमाणपत्र व विवाह प्रमाणपत्र में से एक या अधिक साक्ष्य के रूप में देना होगा।














