
रिपोर्ट- अरविंद सिंह मौर्य 8850543166
बिहार में मंत्रालय का बंटवार हो चुका है। बीजेपी नेता सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होगा जब नीतीश कुमार प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे और उनके पास गृह विभाग नहीं होगा।
सम्राट चौधरी अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। इस बदलाव को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि बिहार में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए अब नई रणनीतियां लागू होंगी और बिहार में अपराधियों की शामत आने वाली है।
कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में अपराध की घटनाओं में काफी वृद्धि देखने को मिली है। वहीं, सम्राट चौधरी के गृहमंत्री बनने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि बिहार में कानून-व्यवस्था में तेजी से सुधार होगा। ऐसा माना जा रहा है कि नई सरकार अपराध नियंत्रण को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बनाएगी। सम्राट चौधरी के पास पूर्व में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों का अनुभव है, जिससे वे इस चुनौती को बेहतर तरीके से संभाल सकेंगे।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी ने 1990 में राजनीति की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से की थी। 1999 में वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने, लेकिन उनकी उम्र 25 वर्ष से कम होने के विवाद के कारण नवंबर 1999 में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद 2000 और 2010 में वे परबत्ता विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए और 2010 में विपक्ष के मुख्य मुख्य सचेतक बने।
2014 में वे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हुए और जीतन राम मांझी सरकार में शहरी विकास एवं आवास मंत्री के पद पर कार्य किया। 2017-2018 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा और तेजी से संगठन में अपनी पकड़ मजबूत की। वे बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष और बाद में प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। 2020 में वे विधान परिषद सदस्य चुने गए।
2021-2022 में सम्राट चौधरी ने पंचायती राज मंत्री का पद संभाला। अगस्त 2022 से अगस्त 2023 तक वे बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता रहे। मार्च 2023 से जुलाई 2024 तक उन्होंने बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व किया।
जनवरी 2024 में वे भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए और उपमुख्यमंत्री बने। उन्होंने वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाला।
2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पैतृक सीट तरापुर से 1,22,480 वोटों के अंतर से जीत हासिल की और आरजेडी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया।














