जागेश्वरनाथ मंदिर परिसर में मगरमच्छ की मौजूदगी से हड़कंप, वन विभाग अलर्ट

बरसात में जलाशयों से बाहर निकल रहे मगरमच्छ, श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
चंदौली। चकिया स्थित प्रसिद्ध जागेश्वरनाथ मंदिर परिसर के पास 8 फीट लंबे मगरमच्छ के मिलने की घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और सतर्कता का माहौल है। वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए चंद्रप्रभा डैम, आसपास के तालाबों, नहरों और जलाशयों की निगरानी बढ़ा दी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बरसात और जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। खासकर मंदिरों, घाटों और जलस्रोतों के पास खतरा बढ़ जाता है, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।
डिप्टी रेंजर आनंद दुबे ने बताया कि रेस्क्यू किया गया मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ है और उसे सुरक्षित रूप से चंद्रप्रभा डैम में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में नियमित गश्त की जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने मांग की है कि मंदिर परिसर के पास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कई लोगों ने बताया कि मगरमच्छ पिछले कुछ दिनों से दिखाई दे रहा था, लेकिन किसी अनहोनी की आशंका के चलते लोग भयभीत थे।
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी मगरमच्छ या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो खुद से पकड़ने या नजदीक जाने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। समय रहते सूचना मिलने से बड़ा हादसा टाला जा सकता है।
इस घटना के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।














