
सकलडीहा चंदौली। सकलडीहा तहसील के नाम चिन लेखपाल को एंटी करप्शन टीम द्वारा घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया, जहां लेखपाल के गिरफ्तार होने से तहसील परिसर में खलबली मच गई। इस दौरान लेखपाल के चाहतों द्वारा तरह-तरह की योजनाएं बनाकर लेखपाल को मुक्त करने की कोशिश भी नाकाम हुई। इस संबंध में जब तहसील के कुछ लेखपालों से जानकारी प्राप्त की गई तो उन्होंने इस घटना की पुष्टि होने से अनभिज्ञता जताई। वहीं सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त लेखपाल द्वारा ऐसे बहुत से कार्य पूर्व मे किए गए थे परन्तु अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं प्राप्त हो सका था। वहीं सोमवार की घटना के बाद ऐसे कार्यों में सम्मिलित अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है। अब देखना है यह है कि इसके पश्चात और किन लोगों पर करप्शन की गाज गिरती है।

बताते चले की सकलडीहा तहसील के चहनियां ब्लाक अंतर्गत हृदयपुर के लेखपाल को एंटी करप्शन कि टीम ने घुस लेते ही गिरफ्तार कर लिया। लोगों ने बताया कि लेखपाल को मकान से बाहर निकालकर टीम ने पब्लिक के सामने हाथ धुलावाया, इसके बाद इसे लेकर अपने साथ चली गयी। लेखपाल के गिरफ्तार होने कि सूचना विभाग में जंगल के आग कि तरह फैल गयी। लेखपाल संघ स्थानीय थाने पहुंच गए जहाँ प्रभारी ने इस तरह कि सूचना से अनभिज्ञता जाहिर किया। एंटी करप्शन टीम ने सोमवार को सकलडीहा में चार बजे के आस पास छापेमारी तब किया ज़ब पीड़ित को लेखपाल ने अपने निजी आवास पर बुलाया। जिसकी शिकायत पीड़ित ने एंटी करप्शन से किया था। सूत्रों कि हवाले से जानकारी प्राप्त हुई की एटा का रहने वाला लेखपाल पिछले चार वर्ष से सकलडीहा में तैनात है।

लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह से चर्चा की गई परंतु संपूर्ण जानकारी नहीं प्राप्त हो सकी। लेकिन कुछ देर बाद ही मुगलसराय में मुकदमा लिखें जाने कि पुष्टि के बाद सारी अफवाहों पर विराम लग गया। इस संबंध में उप जिलाधिकारी सकलडीहा कुंदन राज कपूर ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद लेखपाल को निलंबित कर दिया जायेगा।














