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जिला किसान दिवस में गूंजा धान खरीद घोटाले का मुद्दा: अफसरों से दो-टूक सवाल, कंट्रोल रूम की मांग

चन्दौली। चन्दौली जिला किसान दिवस इस बार धान की सरकारी खरीद में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाया रहा। किसानों ने मंच से सीधे प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते हुए नवीन मंडी और गांवों में संचालित क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के आरोप लगाए।


कार्यक्रम में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता, खाद्य रसद विपणन अधिकारी राघवेन्द्र सिंह व एआर श्रीप्रकाश सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


धान खरीद पर तीखे सवाल
किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने धान खरीद व्यवस्था पर जमकर प्रहार किया। रतन सिंह और पुष्प कुमार सिंह ने नवीन मंडी चंदौली व ग्रामीण क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की सक्रियता और अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।


पुष्प कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि बिचौलियों को पकड़ने के लिए डिप्टी आरएमओ को सूचना दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
राम अवध सिंह ने धान खरीद की समस्याओं के समाधान के लिए चंदौली में कंट्रोल रूम स्थापित करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि खरीद सीजन में डिप्टी आरएमओ या केंद्र प्रभारियों की विभागेतर ड्यूटी न लगाई जाए। इस पर जिलाधिकारी ने सुझाव को “उचित और उपयोगी” बताते हुए सकारात्मक संकेत दिए।


सिंचाई और बंधी डिवीजन पर भी घेरा


किसान विकास मंच ने बेन रजवाहा और गोविंदीपुर कैनाल में आदर्श नहर निर्माण योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये के आवंटन का हवाला देते हुए कार्यस्थलों पर स्टीमेट बोर्ड न लगाए जाने पर सवाल उठाया और इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताया।


दीनानाथ श्रीवास्तव और वीरेंद्र पाल ने चंद्रप्रभा बांध का पानी अनावश्यक बहाए जाने का मुद्दा उठाया।


सरोज कुमार ने शिकारगंज क्षेत्र में भोका कट फीडर की मरम्मत, माइनरों की सफाई और नीलगायों के आतंक से मुक्ति की मांग करते हुए बंधी डिवीजन पर लापरवाही का आरोप लगाया।


रविन्द्र नाथ फकीर ने सूअर, बंदर, नीलगाय और छुट्टा जानवरों की समस्या पर वन विभाग को घेरा। मुआवजे की मांग भी उठी


अध्यक्ष राधेश्याम पांडेय ने ‘मोथा तूफान’ से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग रखी।


कार्यक्रम में रतन सिंह, राधेश्याम पांडेय, राम अवध सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, सरोज कुमार, सुजीत कुमार, अरुण सिंह, चंद्रमा सिंह, भारत चौहान, विकास चौहान, कमलेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, पारसनाथ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


कुल मिलाकर, किसान दिवस में किसानों ने साफ संदेश दिया—धान खरीद में पारदर्शिता और सिंचाई व्यवस्था में सुधार अब टाले नहीं जा सकते।

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