चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन से ही मंदिरों पर उमड़ने लगा जन सैलाब

सकलडीहा चंदौली। सकलडीहा क्षेत्र के सम्मय माता मंदिर तथा काली माता मंदिर परिसर पर चैत्र मांह के प्रथम दिन से ही दर्शनार्थियों का जन सैलाब उमड़ने लगा। जहां सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर परिसर पर उपस्थित होकर मां का दर्शन पूजन किया गया।
वहीं मां के भक्तिमय गीतों से गांव गिराव आसपास के क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। सनातन धर्म में सारदीय नवरात्र और चैत्र नवरात्र के दिनों में गांव से लेकर पहाड़ो तक जहां भी मंदिर, सिद्ध पीठ,मां के स्थान है वहां पर दर्शनार्थियों द्वारा हवन पूजन का कार्य बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ किया जाता है। वही बहुत से श्रद्धालुओं द्वारा इन देव स्थल पर आकर मन्नते मागी जाती हैं।

वहीं मन्नत पूरी होने पर मां का पूजन, हवन व सिंगार का कार्य किया जाता है। जहां लोग गांव ही नहीं अन्य जिला, प्रदेश से भी आकर अपनी मुराद पुरी होने की अरदास लगते हैं और बहुत से लोगों की मुराद भी पूरी होती है। जिसके कारण उनके द्वारा बैंड बाजे के साथ भी मंदिर पर उपस्थित होकर हवन पूजन का कार्य किया जाता है।
यह चैत्र नवरात्र का प्रथम दिन जिस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। सकलडीहा कस्बे के प्राचीन काली माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर, सम्मय माता मंदिर, बौरहिया माता मंदिर के साथ ग्रामीण इलाकों के देवी मंदिरों में महिला, पुरुष, युवक और युवतियों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालु आस्था और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर अपनी मन्नतें पूरी होने की कामना कर रहे थे।
मंदिरों में बजते घंटों और देवी गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। सम्मय माता मंदिर के पुजारी महंत चौबे ने बताया कि जो भक्त सच्चे मन से माता की आराधना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।



