डॉक्टर की बड़ी लापरवाही: एक छोटी गलती से रुका पोस्टमार्टम, गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

चंदौली/चकिया: उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एमबीबीएस डॉक्टर की कथित लापरवाही के कारण एक गरीब परिवार के मृतक का पोस्टमार्टम तक नहीं हो सका।
मामला शहाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम राममाडो़ का है, जहां के निवासी राम जी (पुत्र स्व. मराछु राम) के परिजन उस समय असहाय हो गए, जब उनके मृतक परिजन का अंतिम कानूनी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार, चकिया सरकारी अस्पताल में मृत्यु के बाद प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए चंदौली मोर्चरी भेजा।
लेकिन एमबीबीएस डॉक्टर आर.आर. यादव की एक गंभीर चूक सामने आई। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने आवश्यक दस्तावेज में “AM” की जगह “PM” लिख दिया, जिससे पूरी प्रक्रिया में तकनीकी बाधा उत्पन्न हो गई और उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
परिजनों का आरोप – लापरवाही या व्यवस्था की नाकामी?
मृतक के परिजनों का कहना है कि एक योग्य डॉक्टर से इस प्रकार की बुनियादी गलती होना बेहद चिंताजनक है। उनका आरोप है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें घंटों तक इधर-उधर भटकना पड़ा और मानसिक रूप से भारी कष्ट झेलना पड़ा।
व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना केवल एक गलती नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इतनी साधारण बातों में चूक करें, तो आम जनता की सुरक्षा और न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
कार्रवाई की मांग
परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े।



