उत्तर प्रदेशप्रशासनिक

अयोध्या पुलिस पर गंभीर आरोप: महिला पत्रकार को धमकाने से भारतीय मीडिया फाउंडेशन सहित पत्रकार संगठनों में आक्रोश, बी एम एफ एवं इंटरनेशनल मीडिया आर्मी के संस्थापक एके बिंदुसार ने उठाई आवाज CBI जांच की मांग।

अरविंद सिंह मौर्य 8850543166

भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने अयोध्या पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या को निलंबित करने की मांग की।

अयोध्या, उत्तर प्रदेश:
अयोध्या में एक महिला पत्रकार को अपने पिता की हत्या के मामले में न्याय मांगना महंगा पड़ गया है। पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने न्याय देने के बजाय महिला पत्रकार नीलम सिंह को धमकी दी और उसके साथ अभद्रता की, जिससे पूरे पत्रकार समाज में भारी रोष है। इस घटना के बाद भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) एवं इंटरनेशनल मीडिया आर्मी सहित कई पत्रकार संगठनों ने विरोध जताया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


न्याय मांगने पर मिली धमकी


मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र की महिला पत्रकार, नीलम सिंह जिन्होंने अपने पिता रामसिंह की हत्या के मामले में लगातार दो वर्षों से न्याय की गुहार लगाई थी, ने आरोप लगाया है कि पिछले 2 वर्षों में पुलिस ने न तो इस मामले का अब तक खुलासा किया और न ही कोई ठोस कार्रवाई की।

घटना की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार अरविंद तिवारी ने रामसिंह हत्याकांड (प्रकरण संख्या 435/23) में नामजद अपराधी गिरिजा देवी उर्फ लमबरदारिन द्वारा दी गई धमकियों के खिलाफ एसएसपी कार्यालय में 28 जुलाई को लिखित शिकायत दी।

यह चौथी बार था जब वे इस मामले में शिकायत करने गए थे।


जब महिला पत्रकार ने अयोध्या के एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी से बात की, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा तुम्हारा बात करने का तरीका खराब है, तुम बदतमीज हो। इसके बाद, जब पीड़िता ने एसएसपी अयोध्या से संपर्क किया तो उन्होंने भी कथित तौर पर धमकी दी, तुम्हारे ऊपर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज देंगे। यही नहीं, एसएसपी ने कथित रूप से यह भी कहा कि दलाली करना छोड़ दो वरना अंजाम भुगतना पड़ेगा।


पत्रकार संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया


इस घटना के सामने आने के बाद, पत्रकार संगठनों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। बीएमएफ और इंटरनेशनल मीडिया आर्मी के संस्थापक एके बिंदुसार ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है।


इस मामले को लेकर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को भी लिखा जाएगा पत्र।

भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने इस घटना को एक महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी तक सीमित नहीं मानते हुए इसे पुलिस तंत्र की संवेदनहीनता और निरंकुशता का प्रतीक बताया है। संगठन ने अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP Rural) को मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश एवं डीजीपी उत्तर प्रदेश से तत्काल निलंबित करने की मांग की है।


पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

यह घटना सुप्रीम कोर्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना है, जिसमें कहा गया है कि पत्रकारों पर बिना ठोस साक्ष्य के मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और कोई भी अधिकारी उन्हें धमका नहीं सकता। हाल ही में डीजीपी राजीव कृष्ण ने भी सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्रकारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, अयोध्या में महिला पत्रकार नीलम सिंह के साथ इस तरह की अभद्रता और धमकी प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर करती है।


अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में हत्यारों को बचाने वाले पुलिस अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करती है। पत्रकार समुदाय उम्मीद कर रहा है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलेगी और रामसिंह हत्याकांड के दोषियों को भी कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा, ताकि महिला पत्रकार और उनके परिवार को न्याय मिल सके,साथ ही अन्य पत्रकार भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!