उत्तर प्रदेशचकियाचंदौली

सेक्रेटरी की मनमानी से लाखों की लागत से बना सामुदायिक शौचालय छह माह से बंद, ग्रामीण खुले में शौच को मजबूर

चकिया (चंदौली)। चकिया ब्लाक के डुही गांव में सरकारी धन से लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय पिछले छह माह से ताले में बंद पड़ा है। शौचालय के बंद रहने से गांव के महिला, पुरुष, बुजुर्ग एवं बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर हैं। यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों पर सीधा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नियुक्त सेक्रेटरी की मनमानी और लापरवाही के कारण सामुदायिक शौचालय बंद पड़ा है। शौचालय में तकनीकी खामियां और रख-रखाव की समस्या सामने आने के बावजूद सेक्रेटरी द्वारा न तो इसकी मरम्मत कराई गई और न ही इसकी सूचना समय रहते ब्लाक के उच्चाधिकारियों को दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय खुलवाने के लिए वे लगातार सेक्रेटरी से गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

छह माह तक शौचालय बंद रहने से गांव में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं को सुबह-शाम काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात और ठंड के मौसम में खुले में शौच जाना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है, वहीं संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
मामले की जानकारी जब एडीओ पंचायत को हुई तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित सेक्रेटरी से वार्ता की। बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सामुदायिक शौचालय पर वास्तव में छह माह से ताला लगा हुआ है और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई थी। इस गंभीर लापरवाही पर एडीओ पंचायत ने सेक्रेटरी को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल शौचालय की सभी कमियों को दूर कराकर उसे चालू कराने का निर्देश दिया।

एडीओ पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया कि सामुदायिक शौचालय का संचालन और रख-रखाव सेक्रेटरी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालय को जल्द से जल्द चालू कराया जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।

फिलहाल ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही सामुदायिक शौचालय खुलने से उन्हें राहत मिलेगी।

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