
चहनियाँ/चंदौली
शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले, चन्दौली में मालवीय के रूप में पहचान रखने वाले मां खण्डवारी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के संस्थापक और वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र प्रताप सिंह के मंगलवार को जन्मदिन के अवसर पर खंडवारी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन परिसर में हर्षोल्लास का माहौल रहा । जन्मदिन दिवस समारोह में शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी उत्साह के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।
खंडवारी विद्यालय की स्थापना जिस उद्देश्य से की गई थी,समाज के हर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है ।
आज वह उद्देश्य साकार होता दिखाई दे रहा है। डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में खंडवारी विद्यालय आज चंदौली जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों में भी शिक्षा का एक मजबूत केंद्र बन चुका है। ऐसे कितने गरीब बच्चे है जिनका पढ़ाई निशुंल्क करा रहे है । जन्मदिन के अवसर पर विद्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया ।
बच्चों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया, वहीं शिक्षकों ने डॉ. सिंह के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर खंडवारी विद्यालय के प्रबन्ध निदेशक डॉ.आशुतोष सिंह कैलाशी ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रताप सिंह शिक्षा को केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा और साधना मानते हैं।
उन्होंने जिस संकल्प और त्याग के साथ इस संस्थान की नींव रखी, आज उसी का परिणाम है कि खंडवारी विद्यालय हजारों बच्चों के भविष्य को संवार रहे है और अनेक परिवारों की आजीविका का माध्यम भी बना है।डॉ. सिंह ने अपने जन्मदिन को आत्मप्रशंसा के बजाय सेवा भाव के रूप में मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “बच्चों की सफलता ही मेरा सबसे बड़ा उपहार है। जो बच्चे पढ़ने में अच्छे है,धन का अभाव है,विद्यालय और क्षेत्र का नाम किसी न किसी माध्यम से चाहे खेल हो या फिर कोई भी प्रतियोगिता नाम रौशन कर रहे उन्हें विद्यालय में निशुंल्क शिक्षा प्रदान किया जाएगा ।














