बड़ी खबर : माता सरस्वती की प्रतिमा के सामने अश्लील गानों पर आर्केस्ट्रा, हिंदू धर्म की भावनाओं से खुला खिलवाड़!

चन्दौली चकिया, सैदूपुर क्षेत्र के अंतर्गत कई गांवो में जैसे की रामशाला–खोजपुर–सुल्तानपुर गांव में माता सरस्वती जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। लेकिन श्रद्धा और भक्ति के इस पावन आयोजन को कुछ लोगों ने अश्लील गीतों और नाच-गाने का मंच बनाकर हिंदू धर्म की आस्थाओं का घोर अपमान कर डाला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माता सरस्वती की प्रतिमा के ठीक सामने आर्केस्ट्रा लगाया गया, जहाँ अश्लील भोजपुरी गीतों पर नाच कराया गया। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि यह पूजा नहीं बल्कि धर्म के नाम पर तमाशा बनाकर देवी-देवताओं का अपमान है।
क्या अब देवी-देवताओं को भी अश्लील गाने पसंद आने लगे हैं?
गांव के हिंदू समाज के लोगों ने तीखा सवाल उठाया है कि
क्या हिंदू धर्म अब सिर्फ नाम का रह गया है?
क्या हमारी देवी-देवताओं की पूजा भी अब अश्लील गीतों के बिना अधूरी है।
लोगों का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों की वजह से पूरे हिंदू समाज की छवि खराब की जा रही है, और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

पुलिस प्रशासन से सख़्त कार्रवाई की मांग
हिंदू समाज ने पुलिस प्रशासन से सीधे तौर पर मांग की है कि
बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो
भविष्य में किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति देते समय लिखित शर्त ली जाए कि।
अश्लील गीत
फूहड़ नाच
देवी-देवताओं का अपमान करने वाले कार्यक्रम
पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
दोषियों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए
ग्रामीणों का साफ कहना है कि
हिंदू धर्म सहनशील है, कमजोर नहीं।
अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह प्रवृत्ति और बढ़ेगी।”
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या प्रशासन को इस आयोजन की जानकारी नहीं थी?
अगर थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
क्या धार्मिक आयोजनों में नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गए हैं?














