
चन्दौली डीडीयू नगर। इस्लामी कैलेंडर के शाबान माह की 15वीं तारीख को शब ए बरात मनाई जाती है। इस बार 3 फरवरी मंगलवार को शबे ए बारात मनाई जाएगी। इसके लिए दरगाहों, मजारों और कब्रिस्तानों में सफाई के बाद रंगरोगन की तैयारियां पूरी हो गई हैं। घरों में विभिन्न जायकों के हलुवा तैयार करने की भी तैयारियां चल रही हैं। इस रात को अधिकांश मुस्लिम इबादत में गुजारेंगे। कब्रिस्तानों पर जाकर फातेहा पढ़ेंगे और अपने पूर्वजों के लिए दुआएं करेंगे। शबे बरात 3 फरवरी को सूरज ढलते ही शुरू होगी, यह अगले दिन सुबह सूर्याेदय तक जारी रहेगी। मुस्लिम विद्वान बताते हैं इस रात आसमान में ईश्वर अगले वर्ष के सारे फैसले कर देता है। रात को इबादत कर रहे लोगों के गुनाह माफ होते हैं। मुस्लिम घरानों में इसकी तैयारियां शुरू हो गईं हैं। नगर के कसाब महाल स्थित कब्रिस्तान को शनिवार से ही साफ सफाई की गई। मुस्लिम समुदाय शब-ए-बारात को लेकर तैयारी में जुटा है। शब-ए-बरात को मगफेरत की रात कहा जाता है।

इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग अपने गुनाहों को माफ कराने के लिए रात भर अल्लाह की इबादत करते है और कब्र में जाकर मरहूम मरहूमातो के लिए दुवा करते है। साथ ही अपने गुनाहों का अल्लाह से माफी मांगते हैं। शब-ए-बारात से पहले नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में मुस्लिम कब्रस्तिानों की सफाई शुरू कर दी गयी है। नगर के कसाब महाल, हनुमानपुर, अलीनगर, इस्लामपुर, नई बस्ती, धरना, दुलहीपुर, सतपोखरी, कुंडा सहित सभी जगहों पर कब्रिस्तानों की सफाई हुई। सभासद आफताब अहमद पप्पू ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी कसाब महाल कब्रिस्तान की पूरी तरह सफाई कर दी गयी है। ताकि जायरिनों को किसी भी प्रकार का दिक्कत न हो सके।














