गरीब और सरकारी स्कूल में पढ़ना क्या? ……. गुनाह है। सरकारी पढ़ने वाले बच्चों की जान की कोई कीमत नहीं?…….

Chandauli/ चन्दौली जिले के चकिया ब्लाक के भटवारा खुर्द कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्कूल में मिड डे मील की थाली तालाब में धोते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दर्जनों बच्चे थाली गहरे तालाब में जाकर धुलते दिखाई दे रहे हैं।
एक ओर शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और शिक्षा स्तर को बेहतर बनाने के लिए पैसे को पानी की तरह बहाया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर आए दिन ऐसी कई तस्वीरें चकिया के विभिन्न स्कूलों से सामने आती रहती है जिसमे शिक्षा के मदिरों में मासूम बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती दिखाई पड़ती है।
ताजा मामले में चंदौली चकिया में स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे स्कूल गए नौनिहालों को तालाब के पानी से बर्तन धोते साफ़ देखा जा सकता है।
दरअसल, यह वायरल वीडियो चंदौली जनपद के चकिया ब्लॉक क्षेत्र के भटवारा खुर्द गांव में स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है।
जहां पर घर से स्कूल गए नौनिहालों को तालाब में बर्तन धुलाई जा रहे हैं। अब सोचने वाली बात यह है कि क्या हो अगर किसी बच्चे का पैर फिसल जाए और वो तालाब में गिर जाए?
अगर किसी बच्चे की दुर्भाग्यवश जान चली जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? सरकार द्वारा सभी मूलभूत सुविधाए उपलध कराए जाने के बावजूद क्यों बच्चों को तालाब तक जाना पड़ रहा है और अपनी जान को खतरे में डाल कर बर्तन धोने पड़ रहे हैं?



