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अपने बच्चों की पढ़ाई बनारस में, गरीबों के बच्चों की शिक्षा भगवान भरोसे…..?

करनौल प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की समय पालन पर उठे गंभीर सवाल

चंदौली/ शहाबगंज प्राथमिक विद्यालय करनौल
प्रदेश सरकार जहां परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने का दावा कर रही है

वहीं शहाबगंज विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय करनौल  से सामने आई तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े करती हैं।

शनिवार सुबह लगभग 7:45 बजे तक विद्यालय में केवल दो शिक्षक मौजूद मिले। ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है

कि कई शिक्षक अक्सर निर्धारित समय से देर से विद्यालय पहुंचते हैं और कई बार समय से पहले ही लौट जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ शिक्षक अपने परिवार और बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए बनारस में रहते हैं।

उनका आरोप है कि शिक्षक स्वयं भी बनारस से आने की बात कहते हैं और दूरी के कारण देर होने की बात स्वीकार करते हैं।

अभिभावकों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।

ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालयों में नियमित निरीक्षण और समयपालन सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

इस संबंध में जब खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले को संज्ञान में लिया गया है। शिकायत की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

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