करोड़ों की योजनाएं, लेकिन गांव बदहाल! चुनावी माहौल में बीकापुर के ‘विकास मॉडल’ पर ग्रामीणों का बड़ा हमला……?

हैंडपंप, मनरेगा समेत कई योजनाओं में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, हस्ताक्षर अभियान चलाकर डीएम से करेंगे शिकायत
चकिया, चंदौली। चुनावी सरगर्मियों के बीच चकिया ब्लॉक के बीकापुर गांव में विकास कार्यों को लेकर गांव मे बयानबाजी सामने आया है।
ग्रामीणों ने गांव में हुए विकास कार्यों की हकीकत उजागर करने का दावा करते हुए आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव की तस्वीर आज भी नहीं बदली।
उनका कहना है कि विकास केवल सरकारी अभिलेखों तक सीमित रहा, जबकि धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप स्थापना, मनरेगा, नाली-खड़ंजा समेत विभिन्न विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।
उनका कहना है कि कई कार्य कागजों में पूरे दिखाकर सरकारी धन निकाल लिया गया, जबकि मौके पर या तो काम अधूरे हैं या दिखाई ही नहीं देते।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अब पूरे गांव में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और सैकड़ों ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन के साथ जिलाधिकारी चंदौली से उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष सोशल ऑडिट कराया गया तो कई जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित लोगों की भूमिका उजागर होगी तथा सरकारी धन की बड़े पैमाने पर रिकवरी और कठोर कार्रवाई तय है।
गांव में उठे इन आरोपों से स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि वह इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
इस समाचार में उल्लिखित आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित विभाग एवं अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



