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तहसीलदार की रिपोर्ट पर गिरी गाज: दो लेखपाल निलंबित…….?

एसडीएम ने बैठाई विभागीय जांच राजस्व विभाग में हड़कंप

सरकारी जमीन और वरासत प्रकरण में मिली गंभीर अनियमितताएं

रिपोर्ट- अरविंद सिंह मौर्य

चकिया (चंदौली)। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दो लेखपालों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

राजस्व अभिलेखों में अनियमितता, सरकारी भूमि की निगरानी में लापरवाही और पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर चूक पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। दोनों मामलों की विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।


जानकारी के अनुसार सेन्दूर गांव में तैनात लेखपाल अखिलेश कुमार पर भूमि अभिलेखों एवं वरासत दर्ज करने में गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप है। जांच में सामने आया कि कई गाटा संख्या से जुड़े भूमि विवाद और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण होने के बावजूद उन्होंने पर्याप्त परीक्षण किए बिना ऑनलाइन आदेश के आधार पर वरासत दर्ज कर दी। इससे राजस्व अभिलेखों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रशासन ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।


वहीं खिलची रजड़ीहा क्षेत्र के लेखपाल दिनेश कुमार पर ग्राम सभा इलिया की सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जे के मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है। जांच में पाया गया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच उन्होंने संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति का सही आकलन नहीं किया और उसे मुख्य खातों में दर्ज कराने की आवश्यक कार्रवाई भी नहीं की। परिणामस्वरूप सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की स्थिति बनी रही।


उपजिलाधिकारी विकास मित्तल ने अपने आदेश में कहा है कि दोनों लेखपालों का आचरण सेवा नियमावली के विपरीत तथा कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा उन्हें भूलेख अनुभाग चकिया से संबद्ध किया गया है।


मामलों की विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार आलोक निवास एवं आलोक निषाद को जांच अधिकारी नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर आरोप पत्र तैयार कर नियमानुसार जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।


तहसीलदार की रिपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई को राजस्व विभाग में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। एसडीएम द्वारा जारी निलंबन आदेश 25 जून 2026 से प्रभावी हो गया है।

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