ग्रामीणों की सतर्कता से देर रात पकड़ी गई संदिग्ध खाद की खेप….?

ग्रामीणों की सतर्कता से देर रात पकड़ी गई संदिग्ध खाद की खेप, पुलिस ने सराही नौजवानों हिम्मत; जिला कृषि अधिकारी बोले— मिलावट मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
सोनभद्र/करमा: जिले में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने की आशंका वाली एक संदिग्ध खाद की खेप को ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते देर रात पकड़ लिया गया।
घटना रविवार की देर रात की है पगिया चक के ग्रामीणों को सूचना मिली कि एक पिकअप सख्या- UP64 CT 1182 खाद की खेप लेकर तियरा गांव की तरफ जा रही है,जिसपर तुरंत पगिया चक के बहादुर नौजवान व किसान पिकअप को रोककर खाद के बारे में जानकारी लेनी चाही,किन्तु ड्राइवर द्वारा सन्तोषजनक जवाब न दिए जाने पर ग्रामीणों को शक हुआ,तो तत्काल (x) के माध्यम से सोनभद्र पुलिस को सूचना दिया गया,
सूचना मिलते ही करमा पुलिस मौके पर पहुंची और खाद से लदे पिक-अप वाहन को अपने कब्जे में लेकर कृषि विभाग को सूचना दी। ग्रामीणों की सजगता और जोखिम उठाकर दी गई सूचना की पुलिस अधिकारियों ने अनिल कुमार मौर्य,बबलू मौर्य,यशवंत मौर्य विनय मौर्य व अन्य दर्जनों किसानों की सराहना की और कहा कि आमजन के सहयोग से ही इस तरह के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
मामले की जानकारी मिलने पर कृषि विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। सोनभद्र के जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि संदिग्ध खाद के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि “जांच रिपोर्ट 3-4 दिन में आने के बाद यदि खाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता एवं दोषियों के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए पिकअप वाहन व खाद गोदाम को सीज की जाएगी। किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदें, खरीद की रसीद अवश्य लें और किसी भी संदिग्ध खाद, बिना बिल बिक्री या अवैध भंडारण की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा पुलिस को दें।
फिलहाल खाद के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए, ताकि नकली अथवा घटिया खाद के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



