चकिया ब्लॉक में मनरेगा को लेकर उठे सवाल, पुरानाडीह ग्राम पंचायत में फर्जी मस्टरोल का आरोप

174 मजदूरों की हाजिरी दर्ज, कार्यस्थल पर मजदूर नहीं होने का दावा
चकिया/चंदौली। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। चकिया ब्लॉक की पुरानाडीह ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जी मस्टरोल भरने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में 174 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जबकि कार्यस्थल पर मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
फोटो कुछ, कार्य कुछ और दिखाने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा कार्यों में वास्तविक स्थिति और ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जा रही तस्वीरों में भारी अंतर है। आरोप है कि कुछ सीमित लोगों की तस्वीरों के आधार पर बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इससे योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद मामले का समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि पंचायत कार्यकाल के अंतिम दौर में तेजी से कार्यों की स्वीकृति और भुगतान किए जा रहे हैं, लेकिन शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका
मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और गांवों में विकास कार्य कराना है, लेकिन यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह योजना के मूल उद्देश्य के विपरीत होगा। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से मस्टरोल भरकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
जांच की मांग तेज
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन कर मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति की जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



