CM योगी की सपा चीफ को नसीहत, कहा- अखिलेश जी! अयोध्या की चिंता छोड़िए, रामलला के दर्शन कीजिए, सद्बुद्धि आएगी……!

रिपोर्ट- अरविंद सिंह मौर्य
UP उत्तर प्रदेश मुख्यंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को हाथरस में 548 करोड़ रुपए की 143 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम के बाद सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
CM बोले- सपा के पास कोई एजेंडा नही
CM योगी ने कहा- मैं अखिलेश यादव का एक बयान सुन रहा था। वे अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रहे हैं। सीएम ने कहा- आप क्या बनाएंगे? आपने तो रामभक्तों पर गोली चलवाई थी। आज जब रामभक्तों की मेहनत से अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कर रही है तो आपके मुंह में पानी आ रहा है। सपा के पास मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है।
CM योगी बोले- धूल झोंकने का काम बंद करिए
सीएम ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा- खिसियानी बिल्ली, खंभा नोंचे वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। धूल झोंकने का काम बंद कीजिए। हाथरस में 22 से ज्यादा मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया गया है, जो सपा सरकार में संभव नहीं था। आपके समय में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में जाता था, हमने उसे मंदिरों की ओर मोड़ा है।
CM योगी की अखिलेश को नसीहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे अयोध्या की चिंता छोड़कर पश्चाताप करें और रामलला के दर्शन कर लें। उन्होंने कहा- अखिलेश जी! अयोध्या की चिंता छोड़िए, रामलला के दर्शन कीजिए, सद्बुद्धि आएगी। सीएम ने आगे कहा- अगर, आप सचमुच धार्मिक एजेंडा दिखाना चाहते हैं तो मथुरा-वृंदावन और कृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।
कानून व्यवस्था पर CM का अखिलेश पर निशाना
सीएम योगी ने 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति याद दिलाई। उन्होंने मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, कोसीकलां और जवाहरबाग जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय दंगे, कर्फ्यू और गुंडागर्दी आम थी। नौजवानों को नौकरियां नहीं मिलती थीं और प्रदेश बदनाम होता था।
CM ने कहा कि 2017 के बाद UP में कोई कर्फ्यू नहीं, कोई गुंडागर्दी नहीं। मुहर्रम के नाम पर सड़कों पर उपद्रव बंद हो गया है। योगी ने मुहर्रम प्रक्रिया के लिए नई व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि ताजिए का साइज छोटा रखना होगा। गरीब का मकान नहीं हटेगा, छज्जा नहीं टूटेगा और हाईटेंशन तार नहीं हटाए जाएंगे।



