चकिया क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन माफियाओ को लेकर उठे सवाल, रात हो या दिन किसी भी समय…….?

चकिया क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन माफियाओ को लेकर उठे सवाल, रात के समय में मिट्टी खनन माफियाओं की सक्रियता और भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण चिंतित
खनन विभाग अधिकारी प्रदीप कुमार राज की संलिप्तता की आशंका
चकिया/चंदौली। चकिया तहसील क्षेत्र के बोदारा कला, डूही-सूही, सैदुपुर तथा शहाबगंज क्षेत्र में कथित मिट्टी खनन और भारी वाहनों के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर रात के समय जेसीबी मशीनों के माध्यम से मिट्टी की खुदाई की जा रही है और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों तथा अन्य वाहनों से मिट्टी का परिवहन किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि खनन कार्य वैध अनुमति के साथ संचालित हो रहा है तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। वहीं यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो संबंधित विभागों द्वारा जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
चकिया क्षेत्र में बोदारा कला, डूही-सूही सैदूपुर रामशाला क्षेत्र चर्चा में
ग्रामीणों के अनुसार बोदारा कला, डूही-सूही क्षेत्र में मिट्टी खनन से संबंधित गतिविधियों की लगातार चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण मार्ग प्रभावित हो रहे हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ रही है। सूत्रों की माने तो रात होते ही इन जगहों पर मिट्टी खनन माफियाओं की सक्रियता बढ़ जाती है। और जब खनन विभाग अधिकारी का दौरा होते ही इन माफियाओं को पता चल जाता है और मौके से चालक गाड़ी लेकर फरार हो जाते हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और प्रशासन की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वाहनों के दस्तावेजों की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में संचालित वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, पंजीकरण और चालक लाइसेंस की जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सभी वाहन नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
राजस्व और खनन विभाग से कार्रवाई की अपेक्षा
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और राजस्व विभाग से संयुक्त निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
कथित मिट्टी खनन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
खनन स्थलों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए।
वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाए।
ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया जाए।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
चकिया और शहाबगंज क्षेत्र में कथित मिट्टी खनन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी प्रकार की अनियमितता हो रही है या नहीं।



