भटवार खुर्द के स्कूल में नहीं बन रहा मिड-डे मील, सरकारी दावों की खुली पोल! आखिर जिम्मेदार कौन….?

बच्चों के पोषण से खिलवाड़ का आरोप, अभिभावकों में नाराजगी; जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल।
पत्रकार-रितिक भारती की एक रिपोर्ट
चकिया विकास खंड के भटवार खुर्द स्थित कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे मील (पीएम पोषण योजना) नहीं बनाए जाने का मामला सामने आया है। इससे बच्चों को मिलने वाला पौष्टिक भोजन प्रभावित हो रहा है और सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व पोषण संबंधी दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
रसोईयां का कहना है कि प्रधानाचार्य और ग्राम प्रधान की आपसी खिंचा-तानी में बच्चे शिकार हो रहे हैं वहीं कुछ बच्चों का कहना है कि शिक्षकों के गैर मौजूदगी से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है,
ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में नियमित रूप से मिड-डे मील नहीं बन रहा, जबकि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि प्रत्येक कार्य दिवस पर निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। उत्तर प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत विद्यालयों में प्रतिदिन मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि बच्चों को समय पर भोजन नहीं मिलेगा तो इससे उनकी पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और विद्यालय में नियमित मिड-डे मील सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या जिम्मेदार अधिकारी इस मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे, या फिर बच्चों के अधिकारों के साथ यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा?
वर्जन…. जब पत्रकार रितिक भारती इसकी शिकायत की जिम्मेदार अधिकारी चंदौली बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कारवाही होगी।



