चकिया में ‘बीमारी का कारोबार’जिला संयुक्त चिकित्सालय समेत महिला हास्पिटल के आसपास बिचौलियो का अड्डा…..?

अप्रशिक्षित नवयुवक कर रहे है पैथोलॉजी सेंटरो पर मरीजों का जांच
मरीजों की जिंदगी से खुलेआम खिलवाड़, बिना मानक धड़ल्ले से चल रहे दर्जनो पैथोलॉजी सेंटर
गलत जांच रिपोर्ट से भटक रहा इलाज, जनपद के स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
चंदौली। जनपद के चकिया तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नगर क्षेत्र में दर्जनों पैथोलॉजी सेंटर बिना मानक, बिना विशेषज्ञ और बिना जरूरी संसाधनों के संचालित होने का आरोप झेल रहे हैं। इन सेंटरों में मरीजों की जांच तो की जा रही है, लेकिन रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों और मरीजों का आरोप है कि एक ही मरीज की अलग-अलग सेंटरों से अलग-अलग रिपोर्ट आ रही है, जिससे मरीज और परिजन भ्रमित हो रहे हैं। कई मामलों में गलत रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू होने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में मरीजों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ होने की आशंका बढ़ गई है।
बिना मानक चल रहे सेंटर, जिम्मेदार मौन…..
सूत्रों की मानें तो चकिया नगर सहित ग्रामीण इलाकों में कई पैथोलॉजी सेंटर बिना पंजीकरण और बिना प्रशिक्षित टेक्नीशियन के संचालित हो रहे हैं। कहीं डॉक्टर नहीं, तो कहीं लैब में जरूरी मशीनों और सुरक्षा मानकों का अभाव बताया जा रहा है। बावजूद इसके जनपद के स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है।
मरीजों के जेब पर भी डाका……
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध सेंटर मरीजों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। गरीब और अशिक्षित मरीज चमक-दमक देखकर जांच करा लेते हैं, लेकिन बाद में रिपोर्ट की सच्चाई सामने आने पर परेशानी झेलनी पड़ती है।
कार्रवाई कब……
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन कथित फर्जी पैथोलॉजी सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग कब कार्रवाई करेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद प्रशासन जागेगा या फिर यूं ही लोगों की सेहत के साथ खेल चलता रहेगा?
क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से व्यापक जांच अभियान चलाकर अवैध सेंटरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।



