चकिया के बोदारे कला में अवैध मिट्टी खनन का खेल! ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल

चकिया के बोदारे कला में अवैध मिट्टी खनन का खेल! ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल…..?
पत्रकार रितिक भारती की रिपोर्ट
चकिया/चंदौली।
चकिया क्षेत्र के बोदारे कला में कथित तौर पर अवैध मिट्टी खनन का कारोबार लगातार जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि दिनों रात जेसीबी और टैक्टर वाहनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन किया जा रहा है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और स्थानीय लोगों को धूल, शोर तथा दुर्घटना की आशंका जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कथित अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।
इसी बीच चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह तथा खनन विभाग के अधिकारी प्रदीप कुमार राज की कार्यशैली को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। यदि कहीं भी अवैध खनन या किसी अधिकारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।



