आज ए एम पी एस स्कूल मंगरौर चकिया में हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया 80वाँ स्वतंत्रता दिवस….!

संवाददता- रीतिक भारती की एक रिपोर्ट
चकिया, चंदौली। एएमपीएस स्कूल, मंगरौर में 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गुरुदेव चौहान रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अजय राय ने की।
ध्वजारोहण का कार्यक्रम मुख्य अतिथि श्री गुरुदेव चौहान, अध्यक्ष श्री अजय राय,विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री औरंगजेब खान एवं संस्थापक सदस्यों में से एक श्री मोहम्मद अयाज खान , द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान से पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं अतिथियों के स्वागत से हुआ। स्वागत गीत के पश्चात डायरेक्टर द्वारा बैज एवं तिरंगा पट्टी पहनाकर सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय के डायरेक्टर श्री औरंगजेब खान का स्वागत विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संजय जायसवाल द्वारा किया गया।
इसके बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस की भावना से ओत-प्रोत विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विशेष रूप से शिव तांडव, नाटक ,गीत, भाषण तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “नशा मुक्ति अभियान” पर आधारित नाटक अत्यंत प्रभावशाली एवं संदेशपरक रहा।
मुख्य अतिथि श्री गुरुदेव चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीर सपूतों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश की एकता, अखंडता एवं गौरव को बनाए रखने तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री अजय राय ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक के स्वतंत्रता आंदोलन का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आजादी असंख्य वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है।
विद्यालय प्रबंधन समिति की सदस्या श्रीमती मुसर्रत खान ने बच्चों में इंसानियत, भाईचारे एवं मानवीय संवेदनाओं को विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों को नमन करते हुए कहा कि “सबसे पहले हम भारतीय हैं और भारतीयता ही हमारा धर्म है।”
विद्यालय के को-फाउंडर सदस्य एवं सेवानिवृत्त सेना अधिकारी श्री अयाज खान ने विद्यार्थियों को कर्तव्य, समर्पण, अनुशासन एवं इंसानियत का महत्व समझाते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए किताबी ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्यों का होना भी आवश्यक है।
विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री औरंगजेब खान ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कार, अनुशासन, समर्पण एवं नैतिक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में सर्वप्रथम नैतिक एवं मानवीय संस्कार विकसित करने पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि किताबी ज्ञान तो विद्यार्थी जीवनभर अर्जित करते रहेंगे, लेकिन अच्छे संस्कार ही उनके व्यक्तित्व की वास्तविक नींव बनते हैं।
अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संजय जायसवाल ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, सभी विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान तभी है, जब हम अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से निर्वहन करें और राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखें।
कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन श्रीमती मोनिका जायसवाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति एवं “जय हिंद” के नारों के साथ हुआ।
कार्यक्रम में विद्यालय की डायरेक्टर महोदया श्रीमती माविया खातून, समाज सेविका श्रीमती अर्चना, पत्रकार अरुण कुमार , वाइस प्रिंसिपल श्रीमती अर्चना रस्तोगी, सहित प्रo संजय , पूजा जायसवाल, शुभम कुमारी, राजनंदिनी, रिंकी सिंह, ममता, रागिनी उपाध्याय, शिवम केसरी, पारुल यादव, प्रिया शर्मा, शाहिद सर सहित विद्यालय के समस्त गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे।



