चकिया जांच टीम गठन के डेढ़ माह बाद पहुंची टीम, रिपोर्ट BSA के पास फिर भी कार्रवाई का इंतजार……?

चंदौली/शहाबगंज। कंपोजिट विद्यालय ठेकहां में कथित अनियमितताओं को लेकर 16 मई 2026 को खबर प्रकाशित होने के बाद जांच और कार्रवाई की मांग उठी थी। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच टीम गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद विद्यालय को लेकर एक के बाद एक शिकायतें और खबरें सामने आती रहीं, लेकिन कार्रवाई को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जाता है कि जून माह में विद्यालय समय से पहले बंद किए जाने की खबर सामने आने के बाद पत्रकार द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी से बात की गई। इसके बाद चकिया के खंड शिक्षा अधिकारी अजित पाल और नियामताबाद के खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार यादव को जांच टीम में शामिल किया गया। आरोप है कि टीम गठित होने के करीब एक माह बाद 5 अगस्त 2026 को विद्यालय पहुंची और जांच की।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि शिकायतकर्ता को जांच की सूचना दिए बिना और विद्यालय को पहले से सूचना देकर टीम जांच करने पहुंची। ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच टीम ने मौके पर क्या पाया, इसका आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जांच को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। जब इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी से पत्रकार ने सवाल किया तो उनका कहना था कि जांच आख्या उनके पास आ चुकी है और उसका अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाएगी और अध्ययन के बाद जो कार्रवाई होगी, वह सामने आ जाएगी।
यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—अगर जांच पूरी हो चुकी है तो कार्रवाई में देरी क्यों? जांच आख्या पर निर्णय कब होगा? और क्या शिकायतकर्ता को जांच के निष्कर्षों की जानकारी मिलेगी?
बताया जा रहा है कि विद्यालय को लेकर इससे पहले भी खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की बात सामने आई थी। आरोपों में एमडीएम से जुड़ी कथित अनियमितता, बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित रहना, विद्यालय में पान-गुटखा खाने का आरोप, निर्धारित समय से पहले विद्यालय बंद करना और देर से विद्यालय पहुंचने जैसे गंभीर बिंदु शामिल बताए गए थे।
यदि पूर्व में कार्रवाई की संस्तुति हुई थी, तो उस पर अब तक क्या निर्णय लिया गया—यह भी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
अब 5 अगस्त को हुई जांच की रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास पहुंच चुकी है। ऐसे में अभिभावकों और शिकायतकर्ता के साथ-साथ आम लोगों की नजर इस बात पर है कि इस बार जांच रिपोर्ट पर वास्तव में कार्रवाई होती है या पिछली बार की तरह फाइल भी कार्रवाई के इंतजार में कार्यालय की अलमारी में दबकर रह जाती है।
हालांकि लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले में शिक्षा विभाग की आधिकारिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अब सवाल सिर्फ जांच का नहीं, जांच के बाद कार्रवाई का है।



